मैं लड़का ना रहता ◆◆◆◆◆◆◆◆◆ ना दिल्ली रहता, ना बंबई रहता मैं लड़का ना रहता, तो अपने घर को रहता बचपन समेट कर अपने पाँव से जिम्मेदार...
9 मार्च 2025
17 अक्टू॰ 2023
बाबूजी
Vipin kumar jha
अक्टूबर 17, 2023
पेटक खातिर सदिखन बाहर सरकारक नीतिक शिकारल शहरक कारखाना लेल एकटा मजूर मुदा हमरा घर'क खाम छलैथ बाबूजी टिकुली सेनुर गहना जेवर बरसाइत तीज ...
9 अप्रैल 2023
प्रेम विवाह में तलाक की दर ज्याद क्यों ?
Vipin kumar jha
अप्रैल 09, 2023
प्रेम अनंत काल से पवित्र माना जाता है, और प्रेम विवाह सुखी जीवन का मूलमंत्र, ऐसा नहीं है सुसंगत विवाह में प्रेम नहीं होता है, सुसंगत विवाह म...
14 मार्च 2023
कविता जन्म लेती है !! अंत क्या होगा !! Vipin Jha
Vipin kumar jha
मार्च 14, 2023
अंत क्या होगा ◆◆◆◆◆◆◆ कविता जन्म लेती है तब जब पेड़ों को काटा जाता है बेटियों को मारा जाता है बहुओं को जलाया जाता है पूछा जाता है दिनचर्या क्...
2 फ़र॰ 2023
प्रिये
Vipin kumar jha
फ़रवरी 02, 2023
प्रिये अहाँ आब नहि रहलौं हमर नहि बाँचल अहाँक प्रेम हमरा लेल अहाँक आँखि मे देखलौं संशय जे जौहि रहल अछि बाट कोनो बटोहिक आ ताकि रहल अछि प्रेम ...
21 जन॰ 2023
मजूर बनल कबाड़
Vipin kumar jha
जनवरी 21, 2023
गुजगुज अन्हरिया राति मे बाटक कात ओवरब्रिजक नीचा चकाचौंध वला शहर सभ मे मजूरक ओतबै महत्व अछि जतेक की टीसनक कात मे राखल कबाड़ :- Vipin Jh...
26 अक्टू॰ 2022
भक्ति गीत ( काली मैया )
Vipin kumar jha
अक्टूबर 26, 2022
चमचम चमकै छै मैया के अँगना देखियौ कातिक महीना कातिक महीना हे यौ कातिक महीना भीड़ जुटल छै सगरो दुनिया हे यौ कातिक महीना---------- कोइलख भद्रक...
23 जन॰ 2022
झूठ
Vipin kumar jha
जनवरी 23, 2022
संसार का विनाश सदैव छल और झूठ बोलने से हुआ है, एक झूठ ना जाने कितने ही बड़े युद्ध का कारण बन जाता है और विश्वासघात तो महाभारत जैसा युद्ध करवा...
4 मार्च 2021
गाँव { Village }
Vipin kumar jha
मार्च 04, 2021
गाँव शब्द में जितना सुगंध है उतना मीठा तो शहद भी नहीं, एक बच्चे के लिए जितना जरूरी माँ का दूध है जिससे वो तंदुरुस्त रह सकता है, उतना ही जरू...
5 नव॰ 2020
मैंने तिरँगे को रोते देखा है
Vipin kumar jha
नवंबर 05, 2020
मैंने तिरँगे को रोते देखा है, देश को मायूस होते देखा है, देखा है अरि होते मानव को, मौत से खेलते दानव को, शोणित में सोये जवानों को, ढ़हते चट...
27 अक्टू॰ 2020
किसान
Vipin kumar jha
अक्टूबर 27, 2020
अर्थव्यस्था'क मारि आ पलाश'क विलुप्तिकरण क' चुकल अछि किसान केर खोखला मुदा आत्मविश्वास'क पोटरी बान्हि नहु-नहु धाप बढ़ा रहल अछ...
14 सित॰ 2020
हिंदी दिवस
Vipin kumar jha
सितंबर 14, 2020
माँ को अपने बच्चों से किसान को अपने खेतों से जवान को अपने देश से जितना प्रेम होता है उतना प्रेम हमें अपनी भाषा से होना चाहिए ! :- Vipin Jha
12 सित॰ 2020
दर्द-ए-ग़म
Vipin kumar jha
सितंबर 12, 2020
खुश रहना है तो यादों को जियो, इश्क में सिर्फ दर्द-ए-ग़म मिलेगा! :- Vipin Jha
9 सित॰ 2020
यादें
Vipin kumar jha
सितंबर 09, 2020
सफर यादों से भर जाता है, यादें रूप लेती है किताब का, किताब जो कि दर्शाती है अतीत को, अतीत फिर से ताजा करती है यादें! ...
8 सित॰ 2020
चुनाव
Vipin kumar jha
सितंबर 08, 2020
आबि गेल चुनाव आब फेर बैसार होएत गामे - गामे भाइ यौ निधोख प्रचार होएत किछुए टाकाक लेल लोक देखार होएत किछुए दिन गाम तँ भोंटक बाजार होएत ...
7 सित॰ 2020
चाँद में कुछ बात है!
Vipin kumar jha
सितंबर 07, 2020
नाप आया हूँ मीलों की लम्बाई को, रास्ते का हर इंसान पराया नहीं होता ! नाकामयाबी को देख मुँह मोड़ लेते हैं सभी, गर कामयाबी के पीछे का दर्द ब...
5 सित॰ 2020
वही तो है हमारा बिहार
Vipin kumar jha
सितंबर 05, 2020
साहित्य,सभ्यता और प्रेम से भरा है जहाँ का हर परिवार वही तो है हमारा बिहार ! जानकी ने स्वंय लिया है जहाँ पे अवतार ऋषि-मुनि भी जिस मिट्टी को...
4 सित॰ 2020
किसान
Vipin kumar jha
सितंबर 04, 2020
जिनके आँखों में आत्मविश्वास हृदय में आत्मनिर्भर होने का संकल्प प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने की क्षमता और मस्तिष्क में मातृभूमि के लिए आत्मबल ...
3 सित॰ 2020
मिट्टी का पुतला
Vipin kumar jha
सितंबर 03, 2020
मिट्टी का पुतला हूँ एक दिन मिट्टी में मिल जाऊँगा तेरे इश्क से दूर हूँ इश्क करते-करते हवा हो जाऊँगा फिर महसूस करोगी मुझे वादियों में नदियों म...
ग्लोबलाइज्ड गाम { globalized village }
Vipin kumar jha
सितंबर 03, 2020
गाम भ' गेल अछि ग्लोबलाइज्ड फूसक घर बदलि गेल पक्काक मकान मे तहिना माटिक चूल्हि सँ गैस आ डिबिया सँ बल्ब मे दलान सभ पर नहि छै एक्को टा मेह...
28 अग॰ 2020
इस बार कंपनी के काम से बनारस जाना हुआ, मन बहुत खुश था हो भी क्यों ना? एक तो काशी-विश्वनाथ की नगरी ऊपर से ढाई-आख़र प्रेम के लिए प्रसिद्ध बना...
2 मार्च 2020
अधूरी-दास्तान (3) :- बनारस वाली लड़की
Vipin kumar jha
मार्च 02, 2020
साला बनारस आए और यहाँ का पान ना चबाये तो खाक बनारस आये। बनारस नगरी की कहानी बचपन में बड़े शौक से सुनते थे। और सुन कर मन करता था उस रंगी...
1 दिस॰ 2019
अधूरी-दास्तान (2):- प्यार एक सफर है !
Vipin kumar jha
दिसंबर 01, 2019
वैसे तो यू कहाँ जाता है, जिंदगी एक सफर है! पर जब हम सफर करते है तो हमारे मन में एक सवाल जरूर आता है, की जब कभी हम बस, ट्रैन या फ्लाइट में...
11 अक्टू॰ 2019
अधूरी-दास्तान:- (1)
Vipin kumar jha
अक्टूबर 11, 2019
बनारस को प्यार करनेवाले कम हैं, और उसके नाम पर डींग हांकनेवाले अधिक हैं. सभ्यता-संस्कृति की दुहाई देकर आज भी बहुत लोग जीवित हैं, कितने लेख...